मक्का में मस्जिद ए हरम में एक्ता, भाईचारा, सच्चाई, रहेमदिली का रुहानी मंजर।
अल्हम्दुलिल्लाह! यह नज़ारा देखकर दिल को बहुत शांति और सुकून मिलता है। पवित्र मस्जिद हमें एकता, प्यार, सम्मान और भाईचारे का सबक सिखाती है। यहाँ, हर रंग, हर भाषा और हर देश के मुसलमान एक लाइन में खड़े होकर अल्लाह तआला की इबादत करते हैं, एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, एक-दूसरे को सलाम करते हैं, एक-दूसरे की सेवा करते हैं, एक-दूसरे को माफ़ करते हैं और सब्र और सहनशीलता की सबसे अच्छी मिसाल पेश करते हैं।
दुआ है कि जैसे अल्लाह तआला पवित्र मस्जिद में हमें एक दिल और एक जान बनाते हैं, वैसे ही वह पूरी मुस्लिम उम्माह के दिलों में भी प्यार, एकता और भाईचारा पैदा करें। अल्लाह तआला सभी मुसलमानों को आपसी मतभेदों से बचाए, उन्हें सच्चाई पर एक करे, उन्हें मज़लूमों की मदद करने की ताकत दे, उन्हें ज़ालिमों के खिलाफ़ मज़बूती, हिम्मत, ताकत और कामयाबी दे, और पूरी उम्माह को शांति, सम्मान और शान दे।
आमीन, ऐ दुनिया के रब।
फ़कीर अब्दुल कुद्दूस नक्शबंदी

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