मुंबई के साहार पुलिस स्टेशन में एक बड़े धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि मुख्य आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस का सहायक पुलिस आयुक्त (ACP)/पुलिस उप आयुक्त (DCP) बताकर फर्जी पहचान पत्र और सरकारी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया तथा पीड़ित को बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की।
एफआईआर के अनुसार, यह घटना 11 मई 2026 से 27 जून 2026 के बीच हुई। शिकायतकर्ता यश ललित मधुरा (27) ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी महमदगौस इब्राहिम खातिब (54) ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हुए विश्वास में लिया। आरोपी ने पुलिस की वर्दी, फर्जी सरकारी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाकर खुद को असली अधिकारी के रूप में पेश किया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने अपने साथियों मसरूब महमद गौस खातिब और शाहिद रशीद कपाड़िया के साथ मिलकर बैंक लोन मंजूर कराने का झांसा दिया। इस बहाने शिकायतकर्ता से करीब 10 लाख रुपये ले लिए गए। बाद में न तो लोन मंजूर कराया गया और न ही रकम वापस की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साहार पुलिस ने एफआईआर क्रमांक 0578/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 204, 205, 3(5), 318(4), 319, 336(3), 337 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, फर्जी दस्तावेजों और संभावित अन्य पीड़ितों की भी जांच कर रही है।

Loading comments...